Istikhara Ki Namaz Ka Tarika | इस्तिखारा की नमाज का तरीका

अगर आप Istikhara Ki Namaz Ka Tarika जानना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। इस लेख में हमने इस्तिखारा की नमाज पढ़ने का सही तरीका, नियत, वक्त और दुआ को आसान और स्पष्ट भाषा में समझाया है।

इस गाइड को पढ़ने के बाद आप आसानी से इस्तिखारा की नमाज अदा कर सकेंगे और आपको किसी दूसरी वेबसाइट पर जानकारी खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Istikhara Ki Namaz Ka Tarika

इस्तिखारा की नमाज एक नफ्ल नमाज है, जिसे 2 रकात की नियत से पढ़ी जाती है। जब किसी महत्वपूर्ण फैसले में अल्लाह तआला से भलाई (खैर) की दुआ करनी हो, तब यह नमाज अदा की जाती है।

नीचे पहली और दूसरी रकात का पूरा तरीका स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है।

पहली रकात

  1. सबसे पहले 2 रकात नमाज-ए-इस्तिखारा की नियत करें।
  2. हाथ बांधकर सना (सुब्हानकल्लाहुम्मा) पढ़ें।
  3. तअव्वुज़ (अऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम) पढ़ें।
  4. तस्मियह (बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम) पढ़ें।
  5. सूरह फातिहा पूरी पढ़ें और धीरे से आमीन कहें।
  6. इसके बाद सूरह काफिरून या कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
  7. अल्लाहु अकबर कहते हुए रुकू में जाएं।
  8. रुकू में कम से कम 3 बार “सुब्हान रब्बियल अज़ीम” पढ़ें।
  9. समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए खड़े हों और रब्बना लकल हम्द पढ़ें।
  10. अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
  11. सज्दे में कम से कम 3 बार “सुब्हान रब्बियल अ’ला” पढ़ें।
  12. बैठकर दूसरा सज्दा करें और फिर दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

दूसरी रकात

  1. बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम पढ़ें।
  2. सूरह फातिहा पढ़कर धीरे से आमीन कहें।
  3. सूरह इख्लास या कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
  4. अल्लाहु अकबर कहते हुए रुकू करें।
  5. रुकू में कम से कम 3 बार “सुब्हान रब्बियल अज़ीम” पढ़ें।
  6. समिअल्लाहु लिमन हमिदह और रब्बना लकल हम्द पढ़ते हुए खड़े हों।
  7. दो सज्दे पूरे करें और हर सज्दे में कम से कम 3 बार “सुब्हान रब्बियल अ’ला” पढ़ें।
  8. अब बैठकर अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीम और दुआ-ए-मसूरा पढ़ें।
  9. आखिर में दाईं और बाईं तरफ अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहकर सलाम फेर दें।

इस तरह आपकी 2 रकात इस्तिखारा की नमाज पूरी हो जाएगी।

इस्तिखारा की नमाज के बाद क्या पढ़ें?

नमाज पूरी होने के बाद:

  • कम से कम 3 बार दुरूद शरीफ पढ़ें।
  • 1 बार सूरह फातिहा पढ़ें।
  • इसके बाद इस्तिखारा की दुआ पढ़ें।
  • दुआ पूरी होने के बाद फिर से सूरह फातिहा और 3 बार दुरूद शरीफ पढ़ना बेहतर माना जाता है।

इस्तिखारा की नमाज की नियत

नियत:

“मैंने दो रकात नमाज-ए-इस्तिखारा की नफ्ल, वास्ते अल्लाह तआला के, रुख मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहु अकबर।”

इस्तिखारा की नमाज का वक्त

बहुत से लोगों का सवाल होता है कि इस्तिखारा की नमाज कब पढ़नी चाहिए?

इस्तिखारा के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं है। आप इसे मकरूह वक्त के अलावा किसी भी समय पढ़ सकते हैं। हालांकि, ईशा की नमाज के बाद इस्तिखारा पढ़ना सबसे बेहतर और अफज़ल माना जाता है।

जब भी किसी महत्वपूर्ण फैसले में अल्लाह तआला से भलाई और सही रास्ते की दुआ करनी हो, तब पूरी सच्चाई और खालिस नियत के साथ इस्तिखारा की नमाज अदा करें।

इस्तिखारा की नमाज से जुड़े सवाल (FAQs)

इस्तिखारा कब पढ़ना चाहिए?

इस्तिखारा की नमाज मकरूह समय के अलावा कभी भी पढ़ी जा सकती है। हालांकि, ईशा की नमाज के बाद पढ़ना सबसे बेहतर माना जाता है।

इस्तिखारा का मतलब क्या होता है?

इस्तिखारा का अर्थ है अल्लाह तआला से किसी काम में भलाई (खैर) मांगना

क्या इस्तिखारा की नमाज 2 रकात होती है?

जी हां, इस्तिखारा की नमाज 2 रकात नफ्ल के रूप में पढ़ी जाती है।

क्या महिलाएं भी इस्तिखारा कर सकती हैं?

जी हां, महिलाएं भी इस्तिखारा कर सकती हैं। यदि वे नमाज की हालत में नहीं हैं, तो वे अल्लाह तआला से इस्तिखारा की दुआ कर सकती हैं।

निष्कर्ष

उम्मीद है कि अब आपको Istikhara Ki Namaz Ka Tarika, इस्तिखारा की नमाज की नियत, इस्तिखारा की नमाज का वक्त और इसे पढ़ने का सही तरीका अच्छी तरह समझ आ गया होगा।

अगर यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही हो, तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस्तिखारा की नमाज का सही तरीका जान सकें।

यदि आपके मन में कोई सवाल हो या आपको किसी जानकारी में सुधार की आवश्यकता लगे, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Namazium. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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