Dusra Kalma Shahadat in Hindi: इस्लाम का दूसरा कलमा कलमा शहादत (गवाही का कलमा) है: “अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू…”। यहाँ दूसरा कलमा अरबी, हिंदी, इंग्लिश और आसान तर्जुमे के साथ दिया गया है, साथ में इसका मतलब, फ़ज़ीलत और याद करने का तरीका भी।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| कलमे का नाम | कलमा शहादत |
| मतलब | गवाही का कलमा |
| क्रम | छह कलमों में दूसरा |
| सभी कलमे | 6 कलमे हिंदी में |

Dusra Kalma Shahadat in Arabic
أَشْهَدُ أَنْ لَّا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَحْدَهٗ لَا شَرِيْكَ لَهٗ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهٗ وَرَسُوْلُهٗ
Dusra Kalma Shahadat in Hindi
अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू
Dusra Kalma Shahadat in English
Ash-hadu alla ilaha illallahu wahdahu la shareeka lahu wa ash-hadu anna Muhammadan abduhu wa rasooluhu
दूसरा कलमा का तर्जुमा
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद ﷺ उसके बंदे और रसूल हैं।
कलमा शहादत का मतलब और अहमियत
“शहादत” का मतलब है गवाही। पहले कलमे में ईमान का एलान है, जबकि दूसरे कलमे में बंदा अपनी तरफ़ से गवाही देता है। इसमें दो ख़ास बातें जुड़ती हैं: “वह्दहू ला शरी-क लहू” (वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं) और “अब्दुहू” (नबी ﷺ अल्लाह के बंदे हैं), जो ये साफ़ करता है कि नबी ﷺ अल्लाह के सबसे प्यारे बंदे और रसूल हैं।
दूसरा कलमा की फ़ज़ीलत
- जो अच्छी तरह वुज़ू करे और फिर ये गवाही पढ़े, उसके लिए जन्नत के आठों दरवाज़े खोल दिए जाते हैं। (सहीह मुस्लिम: 234)
- यही गवाही हर नमाज़ में अत्तहिय्यात के आख़िर में दी जाती है।
- मुअज़्ज़िन की गवाही सुनकर ये कलमा कहने वाले के गुनाह माफ़ होते हैं। (सहीह मुस्लिम: 386)
बच्चों को याद कराने का आसान तरीका
- कलमे को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटें और रोज़ एक हिस्सा याद कराएँ।
- पहले आसान ज़बान में मतलब समझाएँ, फिर अल्फ़ाज़ रटवाएँ।
- सोने से पहले और सुबह उठकर बच्चे के साथ दोहराएँ।
- सही उच्चारण किसी क़ारी या इमाम साहब से सुनवा लें, क्योंकि हिंदी में अरबी के कुछ हर्फ़ ठीक से नहीं लिखे जा सकते।
बाक़ी कलमे
छहों कलमे एक साथ: 6 कलमे हिंदी में (अरबी और तर्जुमा के साथ) | पिछले कलमे: पहला कलमा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
दूसरा कलमा कौन सा है?
दूसरा कलमा “कलमा शहादत” है, जिसका मतलब है “गवाही का कलमा”।
दूसरा कलमा हिंदी में क्या है?
अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू।
दूसरा कलमा का तर्जुमा क्या है?
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद ﷺ उसके बंदे और रसूल हैं।
क्या कलमे याद करना फ़र्ज़ है?
छहों कलमे ज़बानी याद करना फ़र्ज़ नहीं, लेकिन इनमें बताए गए ईमान के अक़ीदे पर यक़ीन रखना ज़रूरी है। इन्हें याद करना और पढ़ना बहुत सवाब का काम है।
क्या छह कलमे हदीस में एक साथ आए हैं?
छह कलमों का ये सेट हदीस में इसी तरतीब से नहीं आया; उलमा ने बच्चों को आसानी से सिखाने के लिए इन्हें जमा किया है। लेकिन इनके अल्फ़ाज़ ज़्यादातर क़ुरआन और हदीस से लिए गए हैं।
कलमा बिना वुज़ू पढ़ सकते हैं?
हाँ, कलमे और ज़िक्र के लिए वुज़ू शर्त नहीं है।
आख़िरी बात
दूसरा कलमा कलमा शहादत को मतलब समझकर पढ़ें और अपने बच्चों को भी सिखाएँ। ये सिर्फ़ याद करने के अल्फ़ाज़ नहीं, बल्कि हमारे ईमान का एलान है।