Aulad Ki Dua: नेक औलाद के लिए क़ुरआन में नबियों की कई दुआएँ हैं। सबसे मशहूर दुआ हज़रत ज़करिया (अलैहिस्सलाम) की है: “रब्बि हब ली मिल लदुन्का ज़ुर्रिय्यतन तय्यिबह, इन्नका समीउद दुआ” (सूरह आले इमरान 3:38)। उन्होंने बहुत बुढ़ापे में, जब बीवी भी बाँझ थीं, ये दुआ की, और अल्लाह ने उन्हें हज़रत यह्या (अलैहिस्सलाम) अता किए।
इस पोस्ट में औलाद के लिए क़ुरआन की 5 दुआएँ अरबी, हिंदी और तर्जुमे के साथ हैं: औलाद होने की दुआ, नेक औलाद की दुआ, और औलाद की हिफ़ाज़त और हिदायत की दुआ।
| मौक़ा | दुआ | सूरह:आयत |
|---|---|---|
| औलाद होने के लिए (ज़करिया) | रब्बि हब ली मिल लदुन्का ज़ुर्रिय्यतन तय्यिबह… | 3:38 |
| अकेला न छोड़ने की दुआ (ज़करिया) | रब्बि ला तज़रनी फ़र्दंव… | 21:89 |
| नेक औलाद (इब्राहीम) | रब्बि हब ली मिनस सालिहीन | 37:100 |
| औलाद आँखों की ठंडक बने | रब्बना हब लना मिन अज़्वाजिना… | 25:74 |
| औलाद नमाज़ी बने (इब्राहीम) | रब्बिज-अल्नी मुक़ीमस सलाति… | 14:40 |

1. औलाद होने की दुआ (हज़रत ज़करिया)
رَبِّ هَبْ لِيْ مِنْ لَّدُنْكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةً ۚ إِنَّكَ سَمِيْعُ الدُّعَآءِ
हिंदी: रब्बि हब ली मिल लदुन्का ज़ुर्रिय्यतन तय्यिबह, इन्नका समीउद दुआ
English: Rabbi hab li mil ladunka zurriyyatan tayyibah, innaka samee’ud du’a
तर्जुमा: ऐ मेरे रब! मुझे अपनी तरफ़ से पाकीज़ा औलाद अता फ़रमा, बेशक तू दुआ सुनने वाला है। (सूरह आले इमरान 3:38)
2. “मुझे अकेला न छोड़” वाली दुआ
رَبِّ لَا تَذَرْنِيْ فَرْدًا وَّأَنْتَ خَيْرُ الْوٰرِثِيْنَ
हिंदी: रब्बि ला तज़रनी फ़र्दंव व अन्ता ख़ैरुल वारिसीन
तर्जुमा: ऐ मेरे रब! मुझे अकेला (बे-औलाद) न छोड़, और तू सबसे बेहतर वारिस है। (सूरह अंबिया 21:89) अगली आयत में है: “तो हमने उसकी दुआ क़बूल की और उसे यह्या अता किए।”
3. नेक औलाद की दुआ (हज़रत इब्राहीम)
رَبِّ هَبْ لِيْ مِنَ الصّٰلِحِيْنَ
हिंदी: रब्बि हब ली मिनस सालिहीन
तर्जुमा: ऐ मेरे रब! मुझे नेक (औलाद) अता फ़रमा। (सूरह साफ़्फ़ात 37:100) इस दुआ के बाद अल्लाह ने उन्हें हज़रत इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की ख़ुशख़बरी दी।
4. औलाद आँखों की ठंडक बने
رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيّٰتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَّاجْعَلْنَا لِلْمُتَّقِيْنَ إِمَامًا
हिंदी: रब्बना हब लना मिन अज़्वाजिना व ज़ुर्रिय्यातिना क़ुर्रता अअ्युनिंव वज-अल्ना लिल मुत्तक़ीना इमामा
तर्जुमा: ऐ हमारे रब! हमें हमारी बीवियों और औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा, और हमें परहेज़गारों का पेशवा बना। (सूरह फ़ुरक़ान 25:74)
5. औलाद नमाज़ी बने
رَبِّ اجْعَلْنِيْ مُقِيْمَ الصَّلٰوةِ وَمِنْ ذُرِّيَّتِيْ ۚ رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَآءِ
हिंदी: रब्बिज-अल्नी मुक़ीमस सलाति व मिन ज़ुर्रिय्यती, रब्बना व तक़ब्बल दुआ
तर्जुमा: ऐ मेरे रब! मुझे और मेरी औलाद को नमाज़ क़ायम करने वाला बना, ऐ हमारे रब! मेरी दुआ क़बूल फ़रमा। (सूरह इब्राहीम 14:40)
औलाद के लिए दुआ करते वक़्त ध्यान रखें
- नाउम्मीद न हों: हज़रत ज़करिया और हज़रत इब्राहीम (अलैहिमस्सलाम) को बुढ़ापे में औलाद मिली।
- सिर्फ़ औलाद नहीं, “नेक” औलाद माँगें: क़ुरआन की हर दुआ में “तय्यिबा” और “सालिहीन” का ज़िक्र है।
- इलाज भी कराएँ: दुआ के साथ डॉक्टर से मशवरा सुन्नत के ख़िलाफ़ नहीं। (सहीह बुख़ारी: 5678)
- बेटी को भी रहमत समझें: क़ुरआन (42:49-50) में है कि अल्लाह जिसे चाहे बेटियाँ दे, जिसे चाहे बेटे दे, और जिसे चाहे बे-औलाद रखे। हर हाल में उसकी हिकमत है।
- इस्तिग़फ़ार: क़ुरआन (71:10-12) में इस्तिग़फ़ार पर माल और औलाद से मदद का वादा है। सय्यिदुल इस्तिग़फ़ार
नेक जीवनसाथी के लिए: निकाह की दुआ | बच्चों की हिफ़ाज़त के लिए: नज़र की दुआ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
औलाद होने की सबसे अच्छी दुआ कौन सी है?
हज़रत ज़करिया की दुआ “रब्बि हब ली मिल लदुन्का ज़ुर्रिय्यतन तय्यिबह, इन्नका समीउद दुआ” (3:38)।
नेक औलाद की दुआ कौन सी है?
“रब्बि हब ली मिनस सालिहीन” (37:100)।
ये दुआएँ कब पढ़ें?
कोई तय वक़्त नहीं; नमाज़ के बाद, सज्दे में, तहज्जुद में और दुआ क़बूल होने के ख़ास वक़्तों में पढ़ें।
क्या औलाद के लिए कोई ख़ास वज़ीफ़ा है?
कोई ख़ास गिनती वाला वज़ीफ़ा सहीह हदीस से साबित नहीं। क़ुरआन की ये दुआएँ, इस्तिग़फ़ार और इलाज, यही मसनून तरीका है।
बच्चों को नमाज़ी बनाने की दुआ कौन सी है?
“रब्बिज-अल्नी मुक़ीमस सलाति व मिन ज़ुर्रिय्यती…” (14:40)।
क्या शौहर-बीवी दोनों ये दुआ पढ़ें?
हाँ, दोनों पढ़ें; “रब्बना हब लना…” (25:74) में दोनों के लिए दुआ है।
आख़िरी बात
औलाद अल्लाह का तोहफ़ा है, और वो जब चाहे, जिसे चाहे देता है। नबियों की इन दुआओं को यक़ीन के साथ माँगते रहें, और जो औलाद मिले उसके नेक होने की दुआ कभी न छोड़ें।