Azan Ke Baad Ki Dua in Hindi: अज़ान के बाद की दुआ और अज़ान का जवाब

Azan Ke Baad Ki Dua: अज़ान ख़त्म होने के बाद पहले दुरूद शरीफ़ पढ़ें, फिर ये दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दअ-वतित ताम्मह, वस्सलातिल क़ाइमह, आति मुहम्मद-निल वसी-लता वल फ़ज़ी-लह, वब-अस्हु मक़ामम महमू-द-निल्लज़ी व-अत्तह”। नबी ﷺ ने फ़रमाया कि जो अज़ान सुनकर ये दुआ पढ़े, क़यामत के दिन उसके लिए मेरी शफ़ाअत (सिफ़ारिश) वाजिब हो जाएगी। (सहीह बुख़ारी: 614)

इस पोस्ट में आपको अज़ान के बाद की दुआ अरबी, हिंदी, इंग्लिश और तर्जुमे के साथ मिलेगी। साथ ही अज़ान का जवाब देने का सुन्नत तरीका, अज़ान और इक़ामत के बीच की दुआ, और आम ग़लतियाँ भी बताई गई हैं।

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अज़ान के बाद की दुआ एक नज़र में

दुआअल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दअ-वतित ताम्मह…
कब पढ़ेंअज़ान पूरी होने के बाद, दुरूद शरीफ़ पढ़कर
फ़ज़ीलतनबी ﷺ की शफ़ाअत नसीब होगी
हवालासहीह बुख़ारी: 614
अज़ान के दौरानमुअज़्ज़िन के अल्फ़ाज़ दोहराएँ (अज़ान का जवाब)

Azan Ke Baad Ki Dua in Arabic

اَللّٰهُمَّ رَبَّ هٰذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ وَالصَّلَاةِ الْقَائِمَةِ آتِ مُحَمَّدَنِ الْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَنِ الَّذِيْ وَعَدْتَّهٗ

Azan Ke Baad Ki Dua In Arabic

Azan Ke Baad Ki Dua in Hindi

अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दअ-वतित ताम्मह, वस्सलातिल क़ाइमह, आति मुहम्मद-निल वसी-लता वल फ़ज़ी-लह, वब-अस्हु मक़ामम महमू-द-निल्लज़ी व-अत्तह

Azan Ke Baad Ki Dua In Hindi

Azan Ke Baad Ki Dua in English

Allahumma Rabba hazihid-da’watit-tammah, was-salatil qa’imah, aati Muhammadanil wasilata wal fazilah, wab’ashu maqamam mahmoodanil-lazi wa’adtah

अज़ान के बाद की दुआ का तर्जुमा

हिंदी: ऐ अल्लाह! इस मुकम्मल पुकार (अज़ान) और क़ायम होने वाली नमाज़ के रब! मुहम्मद ﷺ को वसीला (जन्नत का सबसे ऊँचा दर्जा) और फ़ज़ीलत अता फ़रमा, और उन्हें उस मक़ाम-ए-महमूद पर पहुँचा जिसका तूने उनसे वादा किया है।

English: O Allah, Lord of this perfect call and the prayer about to be established, grant Muhammad ﷺ al-Wasilah and excellence, and raise him to the praised station that You have promised him.

अज़ान के बाद की दुआ की फ़ज़ीलत

  • नबी ﷺ की शफ़ाअत: जो अज़ान सुनकर ये दुआ पढ़े, क़यामत के दिन उसके लिए नबी ﷺ की शफ़ाअत वाजिब हो जाती है। (सहीह बुख़ारी: 614)
  • गुनाहों की माफ़ी: जो मुअज़्ज़िन की गवाही सुनकर कहे “व अना अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू व अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह, रज़ीतु बिल्लाहि रब्बंव व बि मुहम्मदिर रसूलंव व बिल इस्लामि दीना”, उसके गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। (सहीह मुस्लिम: 386)
  • दस रहमतें: अज़ान के बाद जो एक बार दुरूद पढ़े, अल्लाह उस पर दस रहमतें नाज़िल करता है। (सहीह मुस्लिम: 384)

अज़ान के बाद दुआ पढ़ने का सही तरीका (Step by Step)

सहीह मुस्लिम (384) की हदीस में नबी ﷺ ने पूरा तरीका ख़ुद बताया है: जब मुअज़्ज़िन को सुनो तो वैसे ही कहो जैसे वो कहता है, फिर मुझ पर दुरूद भेजो, फिर मेरे लिए वसीला माँगो।

  1. अज़ान ध्यान से सुनें: बातचीत, मोबाइल और दूसरे काम थोड़ी देर रोक दें।
  2. अज़ान का जवाब दें: मुअज़्ज़िन जो कहे वही धीमी आवाज़ में दोहराएँ (तरीका नीचे है)।
  3. दुरूद शरीफ़ पढ़ें: अज़ान पूरी होने पर दुरूद-ए-इब्राहीम या कोई भी दुरूद पढ़ें।
  4. अज़ान के बाद की दुआ पढ़ें: “अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दअ-वतित ताम्मह…”
  5. अपने लिए दुआ माँगें: अज़ान और इक़ामत के बीच की दुआ रद्द नहीं होती। (अबू दाऊद: 521, तिर्मिज़ी: 212)

अज़ान का जवाब कैसे दें?

अज़ान के दौरान मुअज़्ज़िन जो अल्फ़ाज़ कहे, सुनने वाला वही अल्फ़ाज़ दोहराए। सिर्फ़ दो जगह अलग जवाब है: (सहीह मुस्लिम: 385)

मुअज़्ज़िन कहेआप जवाब में कहें
अल्लाहु अकबरअल्लाहु अकबर
अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहअशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाह
अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाहअशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
हय्या अलस्सलाहला हौला व ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह
हय्या अलल फ़लाहला हौला व ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह
अस्सलातु ख़ैरुम मिनन नौम (फ़ज्र में)सदक़्ता व बरर्ता (उलमा ने बताया है)
ला इलाहा इल्लल्लाहला इलाहा इल्लल्लाह

अज़ान और इक़ामत में क्या फ़र्क़ है?

अज़ान लोगों को नमाज़ के लिए बुलाने के लिए दी जाती है, जबकि इक़ामत जमाअत खड़ी होने से ठीक पहले कही जाती है। इक़ामत के अल्फ़ाज़ लगभग अज़ान जैसे ही हैं, बस “हय्या अलल फ़लाह” के बाद दो बार “क़द क़ामतिस सलाह” (नमाज़ खड़ी हो गई) बढ़ाया जाता है, और इक़ामत अज़ान से तेज़ कही जाती है। पूरा तरीका: इक़ामत का तरीका

अज़ान के वक़्त होने वाली आम ग़लतियाँ

  • अज़ान के दौरान ज़ोर-ज़ोर से बातें करते रहना और जवाब न देना।
  • दुआ में ऐसे अल्फ़ाज़ जोड़ना जो सहीह हदीस में नहीं हैं (नीचे FAQ देखें)।
  • अज़ान के बाद की दुआ से पहले दुरूद शरीफ़ भूल जाना।
  • अज़ान और इक़ामत के बीच का क़बूलियत वाला वक़्त बातों में गँवा देना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

अज़ान के बाद कौन सी दुआ पढ़नी चाहिए?

पहले दुरूद शरीफ़, फिर “अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दअ-वतित ताम्मह…” वाली दुआ। ये सहीह बुख़ारी (614) में है।

क्या “वद्दरजतर रफ़ीअह” दुआ का हिस्सा है?

“वद्दरजतर रफ़ीअह” के अल्फ़ाज़ सहीह हदीस में नहीं मिलते। “इन्नका ला तुख़लिफ़ुल मीआद” बैहक़ी की रिवायत में आया है। सबसे सहीह अल्फ़ाज़ वही हैं जो बुख़ारी (614) में हैं और ऊपर लिखे गए हैं।

क्या अज़ान के बाद हाथ उठाकर दुआ करनी चाहिए?

इस दुआ के लिए हाथ उठाना ज़रूरी नहीं है। आम तौर पर ये बिना हाथ उठाए पढ़ी जाती है।

क्या औरतें भी अज़ान का जवाब दें और दुआ पढ़ें?

हाँ, अज़ान का जवाब और अज़ान के बाद की दुआ मर्द और औरत दोनों के लिए है।

अगर अज़ान के वक़्त कोई काम कर रहे हों तो?

जहाँ तक हो सके काम रोककर जवाब दें। अगर जवाब छूट जाए तो अज़ान ख़त्म होने के बाद दुरूद और दुआ पढ़ लें।

टीवी या मोबाइल की अज़ान का जवाब देना चाहिए?

रिकॉर्ड की हुई अज़ान का जवाब देना ज़रूरी नहीं, क्योंकि वो नमाज़ के लिए असली अज़ान नहीं है। लाइव अज़ान का जवाब दे सकते हैं।

आख़िरी बात

अज़ान के बाद की दुआ सिर्फ़ 20-30 सेकंड की है, लेकिन इसका इनाम नबी ﷺ की शफ़ाअत है। रोज़ पाँच बार अज़ान होती है, यानी रोज़ पाँच मौक़े। आज से ही अज़ान का जवाब देने, दुरूद पढ़ने और ये दुआ पढ़ने की आदत डालें।

ये भी पढ़ें: इक़ामत का तरीका | दुरूद-ए-इब्राहीम | नमाज़ का तरीका

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