Johar Ki Namaz Ki Rakat: ज़ुहर की नमाज़ में कुल 12 रकात होती हैं: 4 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, 4 फ़र्ज़, 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा और 2 नफ़्ल। इनमें 4 फ़र्ज़ हैं, और 6 सुन्नतें ऐसी हैं जिन्हें नबी ﷺ पाबंदी से पढ़ते थे। नीचे तरतीब, नियत, वक़्त और फ़ज़ीलत हदीस के साथ दी गई है।
Johar Ki Namaz Ki Rakat: एक नज़र में
| क्रम | रकात | क़िस्म | हुक्म |
|---|---|---|---|
| 1 | 4 | सुन्नत-ए-मुअक्कदा | ताकीद वाली, आदतन न छोड़ें |
| 2 | 4 | फ़र्ज़ | फ़र्ज़, जमाअत के साथ |
| 3 | 2 | सुन्नत-ए-मुअक्कदा | ताकीद वाली |
| 4 | 2 | नफ़्ल | पढ़ें तो सवाब |

कुल: 12 रकात। इनमें 4 फ़र्ज़ हैं। मजबूरी में भी फ़र्ज़ कभी न छोड़ें।
ज़ुहर की नमाज़ पढ़ने की तरतीब
- ज़वाल के बाद ज़ुहर का वक़्त शुरू होने पर पहले 4 रकात सुन्नत एक सलाम से पढ़ें।
- फिर 4 रकात फ़र्ज़ जमाअत के साथ पढ़ें। ज़ुहर में क़िरात आहिस्ता (दिल में) होती है।
- फ़र्ज़ के बाद 2 रकात सुन्नत पढ़ें।
- आख़िर में 2 रकात नफ़्ल पढ़ें।
ज़ुहर की नमाज़ की नियत
फ़र्ज़ की नियत: “नियत की मैंने चार रकात नमाज़ फ़र्ज़, वक़्त ज़ुहर का, वास्ते अल्लाह तआला के, (इमाम के पीछे हों तो: पीछे इस इमाम के), मुँह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु अकबर।”
नियत असल में दिल के इरादे का नाम है। ज़बान से कहना ज़रूरी नहीं, लेकिन कह लेना बेहतर है। पूरी जानकारी: ज़ुहर की नमाज़ की नियत
ज़ुहर की नमाज़ का वक़्त
ज़ुहर का वक़्त सूरज ढलने (ज़वाल) के बाद शुरू होता है और अस्र का वक़्त शुरू होने तक रहता है। गर्मी के दिनों में ज़ुहर को थोड़ा ठंडा करके (देर से) पढ़ना बेहतर है। (सहीह बुख़ारी: 536) अपने शहर का सही वक़्त नमाज़ टाइम टेबल से देखें।
ज़ुहर की नमाज़ की फ़ज़ीलत
- जहन्नम से हिफ़ाज़त: जो ज़ुहर से पहले 4 और बाद में 4 रकात की पाबंदी करे, अल्लाह उस पर जहन्नम की आग हराम कर देता है। (तिर्मिज़ी: 428) बाद की 4 में 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल आ जाती हैं।
- जन्नत में घर: ज़ुहर से पहले की 4 और बाद की 2 सुन्नतें उन 12 रकात में शामिल हैं जिन पर जन्नत में घर का वादा है। (तिर्मिज़ी: 415)
जुमे के दिन: जुमे के दिन ज़ुहर की जगह जुमा की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसमें 14 रकात होती हैं। देखें: जुमा की रकात। जिन पर जुमा फ़र्ज़ नहीं (जैसे औरतें), वो ज़ुहर ही पढ़ें।
5 वक़्त की नमाज़ की कुल रकात
| नमाज़ | कुल रकात |
|---|---|
| फ़ज्र | 4 |
| ज़ुहर | 12 |
| अस्र | 8 |
| मग़रिब | 7 |
| ईशा | 17 |
| जुमा (ज़ुहर की जगह) | 14 |
सुन्नत, फ़र्ज़ और नफ़्ल का पूरा चार्ट: नमाज़ की रकात चार्ट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
ज़ुहर की नमाज़ में कितनी रकात होती हैं?
कुल 12: 4 सुन्नत, 4 फ़र्ज़, 2 सुन्नत, 2 नफ़्ल।
ज़ुहर में फ़र्ज़ कितनी रकात हैं?
4 रकात फ़र्ज़।
क्या ज़ुहर की पहली 4 सुन्नत छूट जाएँ तो बाद में पढ़ सकते हैं?
हाँ, हनफ़ी मसलक में अगर जमाअत की वजह से पहली 4 सुन्नत छूट जाएँ तो फ़र्ज़ के बाद (2 सुन्नत के बाद) पढ़ लें।
क्या ज़ुहर के 2 नफ़्ल छोड़ सकते हैं?
हाँ, नफ़्ल छोड़ने से गुनाह नहीं, लेकिन पढ़ने पर सवाब है और तिर्मिज़ी (428) की फ़ज़ीलत में ये शामिल हैं।
सफ़र में ज़ुहर कितनी रकात पढ़ें?
मुसाफ़िर ज़ुहर के 4 फ़र्ज़ की जगह 2 पढ़ेगा (क़स्र)। सुन्नतें जल्दी हो तो छोड़ सकता है।
औरतें ज़ुहर की कितनी रकात पढ़ें?
मर्दों की तरह ही 12 रकात। रकात की तादाद में कोई फ़र्क़ नहीं।
आख़िरी बात
ज़ुहर की 12 रकात दिन के बीच में अल्लाह से जुड़ने का मौक़ा हैं। 4 सुन्नत, 4 फ़र्ज़, 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल, और इसका इनाम जहन्नम से हिफ़ाज़त है।
ये भी पढ़ें: ज़ुहर की नमाज़ का तरीका | ज़ुहर की नियत | 4 रकात सुन्नत का तरीका | नमाज़ की रकात चार्ट
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