Namaz Ki Rakat Chart: 5 वक्त की नमाज़ में कितनी रकात होती है?

Namaz Ki Rakat: पाँचों वक़्त की नमाज़ में कुल 48 रकात होती हैं: फ़ज्र 4, ज़ुहर 12, अस्र 8, मग़रिब 7 और ईशा 17। इनमें 17 रकात फ़र्ज़ हैं, 3 रकात वित्र वाजिब हैं, और बाक़ी सुन्नत और नफ़्ल हैं। (हनफ़ी मसलक के मुताबिक़)

नीचे पूरा चार्ट दिया गया है। साथ ही हर नमाज़ की रकात का तरतीबवार (किस क्रम में पढ़ें) बयान, जुमा की रकात, और फ़र्ज़, सुन्नत, वाजिब और नफ़्ल का फ़र्क़ भी आसान ज़बान में समझाया गया है।

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Namaz Ki Rakat Chart: 5 वक़्त की नमाज़

नमाज़सुन्नत (पहले)फ़र्ज़सुन्नत (बाद में)नफ़्लवित्र (वाजिब)कुल रकात
फ़ज्र22–––4
ज़ुहर4422–12
अस्र4*4–––8
मग़रिब–322–7
ईशा4*422 + 2317
कुल141768348

* अस्र और ईशा से पहले की 4 सुन्नतें ग़ैर-मुअक्कदा हैं (पढ़ें तो सवाब, छोड़ें तो गुनाह नहीं)। ईशा में 2 नफ़्ल सुन्नत के बाद और 2 नफ़्ल वित्र के बाद पढ़े जाते हैं।

Namaz Ki Rakat
Namaz Ki Rakat

हर नमाज़ की रकात तरतीब से

फ़ज्र की नमाज़ की रकात (4)

2 रकात सुन्नत-ए-मुअक्कदा, फिर 2 रकात फ़र्ज़। फ़ज्र की सुन्नत की बहुत ताकीद है: नबी ﷺ ने फ़रमाया कि फ़ज्र की दो रकात दुनिया और जो कुछ उसमें है, उससे बेहतर हैं। (सहीह मुस्लिम: 725) पूरी जानकारी: फ़ज्र की रकात

ज़ुहर की नमाज़ की रकात (12)

4 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, 4 फ़र्ज़, 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, 2 नफ़्ल। पूरी जानकारी: ज़ुहर की रकात

अस्र की नमाज़ की रकात (8)

4 सुन्नत ग़ैर-मुअक्कदा, फिर 4 फ़र्ज़। अस्र के फ़र्ज़ के बाद कोई सुन्नत या नफ़्ल नहीं है। पूरी जानकारी: अस्र की रकात

मग़रिब की नमाज़ की रकात (7)

3 फ़र्ज़, 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, 2 नफ़्ल। मग़रिब से पहले कोई सुन्नत नहीं पढ़ी जाती (हनफ़ी)। पूरी जानकारी: मग़रिब की रकात

ईशा की नमाज़ की रकात (17)

4 सुन्नत ग़ैर-मुअक्कदा, 4 फ़र्ज़, 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, 2 नफ़्ल, 3 वित्र (वाजिब), 2 नफ़्ल। पूरी जानकारी: ईशा की रकात और वित्र का तरीका

जुमा की नमाज़ की रकात (14)

तरतीबरकात
सुन्नत-ए-मुअक्कदा (ख़ुतबे से पहले)4
फ़र्ज़ (जमाअत के साथ)2
सुन्नत-ए-मुअक्कदा4
सुन्नत2
नफ़्ल2
कुल14

जुमा के दिन ज़ुहर की जगह जुमा पढ़ा जाता है। पूरी जानकारी: जुमा की रकात | जुमा की नमाज़ का तरीका

फ़र्ज़, वाजिब, सुन्नत और नफ़्ल में क्या फ़र्क़ है?

क़िस्ममतलबमिसाल
फ़र्ज़अल्लाह का पक्का हुक्म, छोड़ना बड़ा गुनाहपाँचों वक़्त के 17 फ़र्ज़
वाजिबफ़र्ज़ के क़रीब, छोड़ना गुनाहईशा के 3 वित्र
सुन्नत-ए-मुअक्कदानबी ﷺ ने हमेशा पढ़ी, आदतन छोड़ना बुराफ़ज्र की 2, ज़ुहर की 4+2, मग़रिब की 2, ईशा की 2
सुन्नत ग़ैर-मुअक्कदानबी ﷺ ने कभी-कभी पढ़ी, पढ़ें तो सवाबअस्र और ईशा से पहले की 4
नफ़्लअपनी ख़ुशी से पढ़ी जाने वाली, सवाब ही सवाबज़ुहर, मग़रिब, ईशा के बाद की 2

सुन्नतों की फ़ज़ीलत

नबी ﷺ ने फ़रमाया कि जो दिन-रात में ये 12 रकात सुन्नतें पाबंदी से पढ़े, अल्लाह उसके लिए जन्नत में घर बनाता है: ज़ुहर से पहले 4, ज़ुहर के बाद 2, मग़रिब के बाद 2, ईशा के बाद 2 और फ़ज्र से पहले 2। (तिर्मिज़ी: 415)

Namaz Ki Rakat Ka Image

सिर्फ़ फ़र्ज़ रकात कितनी हैं?

पाँचों वक़्त की फ़र्ज़ रकात कुल 17 हैं: फ़ज्र 2, ज़ुहर 4, अस्र 4, मग़रिब 3, ईशा 4। अगर कोई बीमारी, सफ़र या मजबूरी में सुन्नतें न पढ़ सके, तब भी फ़र्ज़ और वित्र कभी न छोड़ें। सफ़र में ज़ुहर, अस्र और ईशा के 4 फ़र्ज़ की जगह 2 पढ़े जाते हैं (क़स्र)। सफ़र की नमाज़ और दुआ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

5 वक़्त की नमाज़ में कुल कितनी रकात होती हैं?

कुल 48 रकात: फ़ज्र 4, ज़ुहर 12, अस्र 8, मग़रिब 7, ईशा 17 (हनफ़ी मसलक)।

पाँचों वक़्त में फ़र्ज़ रकात कितनी हैं?

17 रकात: फ़ज्र 2, ज़ुहर 4, अस्र 4, मग़रिब 3, ईशा 4।

जुमा की नमाज़ में कितनी रकात होती हैं?

14 रकात: 4 सुन्नत, 2 फ़र्ज़, 4 सुन्नत, 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल।

क्या वित्र की नमाज़ वाजिब है?

हनफ़ी मसलक में ईशा के बाद 3 रकात वित्र वाजिब है, इसे नहीं छोड़ना चाहिए।

क्या फ़ज्र की सुन्नत छोड़ सकते हैं?

फ़ज्र की 2 सुन्नतें सबसे ज़्यादा ताकीद वाली हैं। नबी ﷺ ने इन्हें दुनिया और उसकी हर चीज़ से बेहतर बताया (मुस्लिम: 725), इसलिए इन्हें न छोड़ें।

नफ़्ल नमाज़ न पढ़ें तो गुनाह है?

नहीं, नफ़्ल न पढ़ने से गुनाह नहीं होता, लेकिन पढ़ने पर सवाब मिलता है।

आख़िरी बात

ऊपर का चार्ट सेव कर लें या स्क्रीनशॉट ले लें, ताकि हर नमाज़ से पहले रकात याद रहें। शुरुआत फ़र्ज़ और वित्र से करें, फिर धीरे-धीरे सुन्नतों की पाबंदी करें, क्योंकि 12 सुन्नतों पर जन्नत में घर का वादा है।

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