Maghrib Ki Namaz Ki Rakat Kitni Hoti Hai? (7 रकात: 3 फ़र्ज़ + 2 सुन्नत + 2 नफ़्ल)

Maghrib Ki Namaz Ki Rakat: मग़रिब की नमाज़ में कुल 7 रकात होती हैं: पहले 3 रकात फ़र्ज़, फिर 2 रकात सुन्नत-ए-मुअक्कदा और 2 रकात नफ़्ल। मग़रिब ही एक ऐसी फ़र्ज़ नमाज़ है जिसमें 3 रकात हैं। नीचे 3 फ़र्ज़ पढ़ने का तरीका, नियत, वक़्त और फ़ज़ीलत दी गई है।

Maghrib Ki Namaz Ki Rakat: एक नज़र में

क्रमरकातक़िस्महुक्म
13फ़र्ज़फ़र्ज़, जमाअत के साथ
22सुन्नत-ए-मुअक्कदाताकीद वाली, न छोड़ें
32नफ़्लपढ़ें तो सवाब

कुल: 7 रकात। मग़रिब से पहले कोई सुन्नत नहीं है (हनफ़ी)।

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मग़रिब की नमाज़ पढ़ने की तरतीब

  1. सूरज डूबते ही अज़ान के बाद जल्दी 3 रकात फ़र्ज़ जमाअत से पढ़ें।
  2. फ़र्ज़ की पहली दो रकात में क़िरात बुलंद आवाज़ से होती है, दूसरी रकात के बाद अत्तहिय्यात के लिए बैठें (क़ादा-ए-ऊला), फिर तीसरी रकात में सिर्फ़ सूरह फ़ातिहा आहिस्ता पढ़कर आख़िरी क़ादा करें।
  3. फिर 2 रकात सुन्नत पढ़ें।
  4. आख़िर में 2 रकात नफ़्ल पढ़ें।

मग़रिब की नमाज़ की नियत

फ़र्ज़ की नियत: “नियत की मैंने तीन रकात नमाज़ फ़र्ज़, वक़्त मग़रिब का, वास्ते अल्लाह तआला के, (इमाम के पीछे हों तो: पीछे इस इमाम के), मुँह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु अकबर।”

नियत असल में दिल के इरादे का नाम है। ज़बान से कहना ज़रूरी नहीं, लेकिन कह लेना बेहतर है। पूरी जानकारी: मग़रिब की नमाज़ की नियत

मग़रिब की नमाज़ का वक़्त

मग़रिब का वक़्त सूरज डूबने के फ़ौरन बाद शुरू होता है और आसमान की लाली/सफ़ेदी (शफ़क़) ग़ायब होने तक रहता है, यानी लगभग सवा घंटा। मग़रिब में जल्दी करना सुन्नत है।

मग़रिब की नमाज़ की फ़ज़ीलत

  • जल्दी पढ़ने की ताकीद: मेरी उम्मत भलाई पर रहेगी जब तक मग़रिब को सितारे निकलने तक न टालेगी। (अबू दाऊद: 418)
  • जन्नत में घर: मग़रिब के बाद की 2 सुन्नत उन 12 रकात में हैं जिन पर जन्नत में घर का वादा है। (तिर्मिज़ी: 415)

क्या मग़रिब से पहले सुन्नत या नफ़्ल है?

हनफ़ी मसलक में मग़रिब से पहले कोई सुन्नत नहीं पढ़ी जाती, क्योंकि मग़रिब में जल्दी करने का हुक्म है। कुछ दूसरे मसलकों में अज़ान और इक़ामत के बीच 2 हल्की नफ़्ल पढ़ना जायज़ बताया गया है (सहीह बुख़ारी: 1183)। आप जिस मसलक पर हैं, उसी के मुताबिक़ अमल करें।

5 वक़्त की नमाज़ की कुल रकात

नमाज़कुल रकात
फ़ज्र4
ज़ुहर12
अस्र8
मग़रिब7
ईशा17
जुमा (ज़ुहर की जगह)14

सुन्नत, फ़र्ज़ और नफ़्ल का पूरा चार्ट: नमाज़ की रकात चार्ट

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

मग़रिब की नमाज़ में कितनी रकात होती हैं?

कुल 7 रकात: 3 फ़र्ज़, 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा और 2 नफ़्ल।

मग़रिब में फ़र्ज़ कितनी रकात हैं?

3 रकात फ़र्ज़। ये अकेली फ़र्ज़ नमाज़ है जिसमें 3 रकात हैं।

मग़रिब की 3 फ़र्ज़ कैसे पढ़ें?

पहली दो रकात में फ़ातिहा और सूरह, दूसरी के बाद अत्तहिय्यात पढ़कर खड़े हों, तीसरी में सिर्फ़ फ़ातिहा, फिर आख़िरी क़ादा में अत्तहिय्यात, दुरूद और दुआ के बाद सलाम।

क्या सफ़र में मग़रिब के फ़र्ज़ कम होते हैं?

नहीं, सफ़र में भी मग़रिब के 3 फ़र्ज़ ही पढ़े जाते हैं, क़स्र नहीं होता।

मग़रिब का वक़्त कितनी देर रहता है?

सूरज डूबने से लेकर शफ़क़ ग़ायब होने तक, लगभग सवा घंटा। लेकिन जल्दी पढ़ना सुन्नत है।

मग़रिब से पहले सुन्नत पढ़ें?

हनफ़ी मसलक में नहीं। कुछ मसलकों में 2 हल्की नफ़्ल जायज़ हैं (बुख़ारी: 1183)।

आख़िरी बात

मग़रिब की 7 रकात: 3 फ़र्ज़, 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल। मग़रिब का वक़्त छोटा होता है, इसलिए अज़ान सुनते ही नमाज़ की तैयारी करें।

ये भी पढ़ें: मग़रिब की नमाज़ का तरीका | मग़रिब की नियत | 3 रकात फ़र्ज़ का तरीका | नमाज़ की रकात चार्ट

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