Rajab Ki Dua: रजब का चाँद देखकर ये दुआ पढ़ी जाती है: “अल्लाहुम्मा बारिक लना फ़ी रजबा व शअ्बान, व बल्लिग़्ना रमज़ान”, यानी ऐ अल्लाह! हमारे लिए रजब और शाबान में बरकत दे और हमें रमज़ान तक पहुँचा। ये दुआ मुसनद अहमद (2346) में नबी ﷺ से रिवायत की गई है।
इस पोस्ट में रजब की दुआ अरबी, हिंदी और तर्जुमे के साथ, रजब 2026 का चाँद कब दिखेगा, रजब महीने की फ़ज़ीलत, इस महीने के अहम दिन (6 रजब, 13 रजब, 27 रजब), और इस महीने में क्या करें, सब बताया गया है।
रजब 2026 एक नज़र में
| दिन | तारीख़ (अंदाज़न) |
|---|---|
| रजब का चाँद | लगभग 10-11 दिसंबर 2026 (चाँद दिखने पर) |
| 6 रजब (उर्स ख़्वाजा ग़रीब नवाज़) | लगभग 16-17 दिसंबर 2026 |
| 13 रजब (हज़रत अली की विलादत) | लगभग 23-24 दिसंबर 2026 |
| 27 रजब (शब-ए-मेराज) | लगभग 5-6 जनवरी 2027 |
| रजब का हुक्म | हुरमत वाले चार महीनों में से एक |
नोट: इस्लामी तारीख़ें चाँद दिखने पर तय होती हैं, इसलिए एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं।

Rajab Ki Dua in Arabic
اَللّٰهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيْ رَجَبٍ وَّشَعْبَانَ، وَبَلِّغْنَا رَمَضَانَ
Rajab Ki Dua in Hindi
अल्लाहुम्मा बारिक लना फ़ी रजबिंव व शअ्बान, व बल्लिग़्ना रमज़ान
Rajab Ki Dua in English
Allahumma barik lana fi Rajaba wa Sha’ban, wa ballighna Ramadan
तर्जुमा
ऐ अल्लाह! हमारे लिए रजब और शाबान (के महीनों) में बरकत अता फ़रमा, और हमें रमज़ान तक पहुँचा दे।
हदीस की सनद के बारे में: ये दुआ मुसनद अहमद (2346) और बैहक़ी (शुअबुल ईमान) में है। मुहद्दिसीन ने इसकी सनद को ज़ईफ़ (कमज़ोर) बताया है, लेकिन इसका मतलब बिल्कुल सही है, इसलिए उलमा आम दुआ के तौर पर इसे पढ़ने में कोई हर्ज नहीं समझते। इसे नबी ﷺ की पक्की सुन्नत समझकर नहीं, बल्कि एक अच्छी दुआ समझकर पढ़ें।
रजब महीने की फ़ज़ीलत
रजब उन चार महीनों में से है जिन्हें अल्लाह ने “हुरमत वाले” (पाक और इज़्ज़त वाले) महीने बनाया है: (सूरह तौबा 9:36)। नबी ﷺ ने फ़रमाया कि साल के बारह महीने हैं, जिनमें चार हुरमत वाले हैं: ज़ुल क़ादा, ज़ुल हिज्जा, मुहर्रम और रजब। (सहीह बुख़ारी: 3197)
क़ुरआन में इन महीनों के बारे में फ़रमाया गया: “इनमें अपनी जानों पर ज़ुल्म न करो”, यानी इन महीनों में गुनाहों से ख़ास तौर पर बचना चाहिए, और नेकियों का एहतिमाम बढ़ाना चाहिए।
रजब के अहम दिन
- 6 रजब: हज़रत ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती (रह.) का उर्स, अजमेर शरीफ़ में।
- 13 रजब: बहुत से मुअर्रिख़ीन के मुताबिक़ हज़रत अली (रज़ि.) की विलादत।
- 27 रजब: शब-ए-मेराज, जिस रात नबी ﷺ को मेराज हुई और पाँच नमाज़ें फ़र्ज़ हुईं। शब-ए-मेराज की नमाज़
रजब में क्या करें?
- रमज़ान की तैयारी शुरू करें: रजब, शाबान और फिर रमज़ान आता है। अभी से नमाज़ की पाबंदी, क़ुरआन की तिलावत और गुनाहों से बचने की आदत डालें।
- क़ज़ा रोज़े और नमाज़ें पूरी करें: पिछले रमज़ान के छूटे रोज़े अगले रमज़ान से पहले रख लें।
- इस्तिग़फ़ार और तौबा: हुरमत वाले महीने में गुनाह से बचना और तौबा करना ख़ास अहमियत रखता है।
- नफ़्ल रोज़े: आम नफ़्ल रोज़े (सोमवार-जुमेरात, अय्यामे बीज़) रख सकते हैं। रजब के लिए ख़ास रोज़ों या ख़ास नमाज़ की फ़ज़ीलत वाली रिवायतें ज़्यादातर कमज़ोर हैं, इसलिए उन पर ज़ोर न दें।
रजब का चाँद देखकर चाँद देखने की आम दुआ भी पढ़ें: चाँद देखने की दुआ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
रजब की दुआ कौन सी है?
“अल्लाहुम्मा बारिक लना फ़ी रजबिंव व शअ्बान, व बल्लिग़्ना रमज़ान” (मुसनद अहमद: 2346)।
रजब 2026 का चाँद कब दिखेगा?
अंदाज़न 10-11 दिसंबर 2026 को। सही तारीख़ चाँद दिखने के बाद तय होगी।
क्या रजब की दुआ की हदीस सहीह है?
इसकी सनद ज़ईफ़ (कमज़ोर) है, लेकिन मतलब सही होने की वजह से उलमा इसे आम दुआ के तौर पर पढ़ने की इजाज़त देते हैं।
रजब किस बात के लिए मशहूर है?
रजब हुरमत वाले चार महीनों में से है, और इसी महीने की 27 तारीख़ को शब-ए-मेराज मनाई जाती है।
क्या रजब में ख़ास रोज़े रखने चाहिए?
रजब के ख़ास रोज़ों की फ़ज़ीलत वाली रिवायतें ज़्यादातर कमज़ोर हैं। आम नफ़्ल रोज़े रख सकते हैं।
रजब के बाद कौन सा महीना आता है?
रजब के बाद शाबान, और शाबान के बाद रमज़ान।
आख़िरी बात
रजब का चाँद रमज़ान की आहट है। इस दुआ के साथ दिल से अल्लाह से माँगें कि वो हमें सेहत और ईमान के साथ रमज़ान तक पहुँचाए, और अभी से रमज़ान की तैयारी शुरू कर दें।
ये भी पढ़ें: चाँद देखने की दुआ | शब-ए-मेराज की नमाज़ | शब-ए-बरात की नमाज़
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