So Kar Uthne Ki Dua: नींद से जागने पर नबी ﷺ ये दुआ पढ़ते थे: “अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बादा मा अमातना व इलैहिन नुशूर”, यानी सब तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत (नींद) के बाद ज़िंदगी दी, और उसी की तरफ़ लौटकर जाना है। (सहीह बुख़ारी: 6312)
इस पोस्ट में सोकर उठने की दुआ अरबी, हिंदी, इंग्लिश और तर्जुमे के साथ है। साथ में रात को आँख खुल जाए तो पढ़ने वाली दुआ (जिससे दुआ क़बूल होती है), सुबह उठने की दूसरी मसनून दुआ और जागने की सुन्नतें भी हैं।
So Kar Uthne Ki Dua in Arabic
اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ أَحْيَانَا بَعْدَ مَآ أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُوْرُ

So Kar Uthne Ki Dua in Hindi
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बादा मा अमातना व इलैहिन नुशूर
So Kar Uthne Ki Dua in English
Alhamdu lillahil-lazi ahyana ba’da ma amatana wa ilaihin-nushoor
तर्जुमा
सब तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत (नींद) के बाद ज़िंदगी दी, और उसी की तरफ़ (क़यामत के दिन) उठकर जाना है।
सोते वक़्त हम “अल्लाहुम्मा बिस्मिका अमूतु व अह्या” पढ़ते हैं, और उठकर इस दुआ से शुक्र अदा करते हैं। सोने की दुआ यहाँ पढ़ें: सोने की दुआ
सुबह उठने की दूसरी मसनून दुआ
اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ عَافَانِيْ فِيْ جَسَدِيْ، وَرَدَّ عَلَيَّ رُوْحِيْ، وَأَذِنَ لِيْ بِذِكْرِهٖ
हिंदी: अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी आफ़ानी फ़ी जसदी, व रद्दा अलय्या रूही, व अज़िना ली बि ज़िक्रिह
तर्जुमा: सब तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने मेरे जिस्म को आफ़ियत दी, मेरी रूह मुझे वापस लौटाई, और मुझे अपना ज़िक्र करने की इजाज़त (तौफ़ीक़) दी। (तिर्मिज़ी: 3401)
रात को आँख खुल जाए तो ये पढ़ें (दुआ क़बूल होती है)
नबी ﷺ ने फ़रमाया: जो रात को जागे और ये पढ़े, फिर “अल्लाहुम्मग़फ़िर ली” कहे या कोई दुआ माँगे, उसकी दुआ क़बूल होती है, और अगर वुज़ू करके नमाज़ पढ़े तो नमाज़ क़बूल होती है। (सहीह बुख़ारी: 1154)
لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَحْدَهٗ لَا شَرِيْكَ لَهٗ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيْرٌ، اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ، وَسُبْحَانَ اللّٰهِ، وَلَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ، وَاللّٰهُ أَكْبَرُ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ
हिंदी: ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरी-क लहू, लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु व हु-व अला कुल्लि शैइन क़दीर, अल्हम्दुलिल्लाह, व सुब्हानल्लाह, व ला इलाहा इल्लल्लाह, वल्लाहु अकबर, व ला हौला व ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह
नींद से जागने की सुन्नतें
- जागते ही चेहरे से नींद का असर हाथ से मलकर दूर करें और ऊपर वाली दुआ पढ़ें।
- मिस्वाक करें: नबी ﷺ रात को उठते तो मिस्वाक से दाँत साफ़ करते थे। (सहीह बुख़ारी: 245)
- बर्तन में हाथ डालने से पहले हाथ धोएँ: नींद से उठकर हाथ तीन बार धोए बिना पानी के बर्तन में न डालें। (सहीह मुस्लिम: 278)
- नाक साफ़ करें: जागने पर वुज़ू करते वक़्त तीन बार नाक में पानी डालकर साफ़ करें, क्योंकि शैतान रात नाक में गुज़ारता है। (सहीह बुख़ारी: 3295)
- फ़ज्र का वक़्त हो तो वुज़ू करके नमाज़ की तैयारी करें। फ़ज्र की रकात
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सोकर उठने की दुआ कौन सी है?
“अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बादा मा अमातना व इलैहिन नुशूर” (बुख़ारी: 6312)।
क्या दोपहर की नींद से उठकर भी ये दुआ पढ़ें?
हाँ, किसी भी नींद से जागने पर ये दुआ पढ़ सकते हैं।
रात को अचानक आँख खुल जाए तो क्या पढ़ें?
“ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू…” वाली दुआ पढ़ें, फिर जो चाहें माँगें, दुआ क़बूल होती है (बुख़ारी: 1154)।
बुरा ख़्वाब देखकर उठें तो क्या करें?
बाईं तरफ़ तीन बार हल्का थुथकारें, अऊज़ु बिल्लाह पढ़ें और करवट बदल लें (मुस्लिम: 2262)। तफ़सील: सोने की दुआ
क्या ये दुआ बिना वुज़ू पढ़ सकते हैं?
हाँ, ज़िक्र और दुआ के लिए वुज़ू शर्त नहीं है।
बच्चों को ये दुआ कैसे सिखाएँ?
रोज़ सुबह उन्हें जगाते वक़्त ख़ुद ये दुआ ऊँची आवाज़ में पढ़ें, कुछ दिनों में याद हो जाएगी।
आख़िरी बात
हर सुबह आँख खुलना अल्लाह की तरफ़ से नई ज़िंदगी का तोहफ़ा है। दिन की शुरुआत “अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना…” से करें, और रात को आँख खुले तो उस क़ीमती वक़्त में दुआ ज़रूर माँगें।
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