Charo Qul in Hindi: चारों क़ुल अरबी, हिंदी और तर्जुमा के साथ

Charo Qul in Hindi: चारों क़ुल क़ुरआन की वो चार छोटी सूरतें हैं जो “क़ुल” (कह दीजिए) से शुरू होती हैं: सूरह काफ़िरून, सूरह इख़लास, सूरह फ़लक़ और सूरह नास। ये चारों क़ुरआन के आख़िरी (30वें) पारे में हैं और बचपन में सबसे पहले याद कराई जाती हैं।

इस पोस्ट में चारों क़ुल अरबी, हिंदी, इंग्लिश और आसान तर्जुमे के साथ दिए गए हैं। हर सूरह की फ़ज़ीलत सहीह हदीस के हवाले से है, और साथ में ये भी कि इन्हें कब और कैसे पढ़ना सुन्नत है।

Advertisement
Inside The Content Show

चारों क़ुल एक नज़र में

क्रमसूरहनंबरआयतेंकिस बारे में
1सूरह काफ़िरून1096शिर्क से बेज़ारी
2सूरह इख़लास1124अल्लाह की वहदानियत
3सूरह फ़लक़1135हर बुराई, जादू और हसद से पनाह
4सूरह नास1146शैतान के वसवसों से पनाह

1. Surah Kafirun

Surah Kafirun in Arabic

قُلْ يٰٓأَيُّهَا الْكٰفِرُوْنَ ۝ لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُوْنَ ۝ وَلَآ أَنْتُمْ عٰبِدُوْنَ مَآ أَعْبُدُ ۝ وَلَآ أَنَا عَابِدٌ مَّا عَبَدْتُّمْ ۝ وَلَآ أَنْتُمْ عٰبِدُوْنَ مَآ أَعْبُدُ ۝ لَكُمْ دِيْنُكُمْ وَلِيَ دِيْنِ

Surah Kafirun in Hindi

क़ुल या अय्युहल काफ़िरून। ला अअ्बुदु मा तअ्बुदून। व ला अन्तुम आबिदूना मा अअ्बुद। व ला अना आबिदुम मा अबत्तुम। व ला अन्तुम आबिदूना मा अअ्बुद। लकुम दीनुकुम व लिया दीन।

Surah Kafirun in English

Qul ya ayyuhal kafiroon. La a’budu ma ta’budoon. Wa la antum ‘abidoona ma a’bud. Wa la ana ‘abidum ma ‘abattum. Wa la antum ‘abidoona ma a’bud. Lakum deenukum wa liya deen.

तर्जुमा

कह दीजिए: ऐ काफ़िरो! मैं उसकी इबादत नहीं करता जिसकी तुम इबादत करते हो। और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ। और न मैं उसकी इबादत करने वाला हूँ जिसकी तुमने इबादत की। और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ। तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन और मेरे लिए मेरा दीन।

फ़ज़ीलत

नबी ﷺ ने एक सहाबी से फ़रमाया कि सोने से पहले सूरह काफ़िरून पढ़ लिया करो, ये शिर्क से बेज़ारी (का एलान) है। (अबू दाऊद: 5055) नबी ﷺ फ़ज्र की दो सुन्नतों में सूरह काफ़िरून और सूरह इख़लास पढ़ा करते थे। (सहीह मुस्लिम: 726)

2. Surah Ikhlas

Surah Ikhlas in Arabic

قُلْ هُوَ اللّٰهُ أَحَدٌ ۝ اَللّٰهُ الصَّمَدُ ۝ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُوْلَدْ ۝ وَلَمْ يَكُنْ لَّهٗ كُفُوًا أَحَدٌ

Surah Ikhlas in Hindi

क़ुल हुवल्लाहु अहद। अल्लाहुस समद। लम यलिद व लम यूलद। व लम यकुल लहू कुफ़ुवन अहद।

Surah Ikhlas in English

Qul huwallahu ahad. Allahus samad. Lam yalid wa lam yoolad. Wa lam yakul lahu kufuwan ahad.

तर्जुमा

कह दीजिए: वो अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है (सब उसके मोहताज हैं, वो किसी का मोहताज नहीं)। न उसकी कोई औलाद है और न वो किसी की औलाद है। और कोई उसके बराबर का नहीं।

फ़ज़ीलत

नबी ﷺ ने फ़रमाया कि सूरह इख़लास क़ुरआन के एक तिहाई (1/3) हिस्से के बराबर है। (सहीह बुख़ारी: 5013) पूरी जानकारी: सूरह इख़लास हिंदी में

3. Surah Falaq

Surah Falaq in Arabic

قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ ۝ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۝ وَمِنْ شَرِّ النَّفّٰثٰتِ فِي الْعُقَدِ ۝ وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

Surah Falaq in Hindi

क़ुल अऊज़ु बि रब्बिल फ़लक़। मिन शर्रि मा ख़लक़। व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब। व मिन शर्रिन नफ़्फ़ासाति फ़िल उक़द। व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद।

Surah Falaq in English

Qul a’oozu bi rabbil falaq. Min sharri ma khalaq. Wa min sharri ghasiqin iza waqab. Wa min sharrin naffasati fil ‘uqad. Wa min sharri hasidin iza hasad.

तर्जुमा

कह दीजिए: मैं सुबह के रब की पनाह माँगता हूँ, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और अँधेरी रात की बुराई से जब वो छा जाए, और गाँठों में फूँकने वालियों (जादू करने वालों) की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से जब वो हसद करे।

फ़ज़ीलत

नबी ﷺ ने फ़रमाया: क्या तुम नहीं जानते कि आज रात ऐसी आयतें उतरी हैं जिनकी मिसाल कभी नहीं देखी गई: “क़ुल अऊज़ु बि रब्बिल फ़लक़” और “क़ुल अऊज़ु बि रब्बिन नास”। (सहीह मुस्लिम: 814)

4. Surah Naas

Surah Naas in Arabic

قُلْ أَعُوْذُ بِرَبِّ النَّاسِ ۝ مَلِكِ النَّاسِ ۝ إِلٰهِ النَّاسِ ۝ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ۝ الَّذِيْ يُوَسْوِسُ فِيْ صُدُوْرِ النَّاسِ ۝ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ

Surah Naas in Hindi

क़ुल अऊज़ु बि रब्बिन नास। मलिकिन नास। इलाहिन नास। मिन शर्रिल वसवासिल ख़न्नास। अल्लज़ी युवसविसु फ़ी सुदूरिन नास। मिनल जिन्नति वन नास।

Surah Naas in English

Qul a’oozu bi rabbin nas. Malikin nas. Ilahin nas. Min sharril waswasil khannas. Allazi yuwaswisu fee sudoorin nas. Minal jinnati wan nas.

तर्जुमा

कह दीजिए: मैं इंसानों के रब की पनाह माँगता हूँ, इंसानों के बादशाह की, इंसानों के माबूद की, उस वसवसा डालने वाले की बुराई से जो (अल्लाह का ज़िक्र सुनकर) पीछे हट जाता है, जो लोगों के दिलों में वसवसे डालता है, चाहे वो जिन्नों में से हो या इंसानों में से।

फ़ज़ीलत

नबी ﷺ जिन्नात और इंसानों की नज़र से पनाह माँगा करते थे, यहाँ तक कि सूरह फ़लक़ और सूरह नास नाज़िल हुईं; फिर आपने इन्हें पढ़ना शुरू कर दिया और बाक़ी को छोड़ दिया। (तिर्मिज़ी: 2058) इसी वजह से इन दोनों को “मुअव्विज़तैन” (पनाह दिलाने वाली दो सूरतें) कहा जाता है।

चारों क़ुल कब पढ़ें? (सुन्नत वक़्त)

वक़्तक्या पढ़ेंहवाला / फ़ायदा
सुबह और शामइख़लास, फ़लक़, नास: 3-3 बारहर चीज़ के लिए काफ़ी हैं (अबू दाऊद: 5082, तिर्मिज़ी: 3575)
हर फ़र्ज़ नमाज़ के बादफ़लक़ और नासअबू दाऊद: 1523
सोने से पहलेइख़लास, फ़लक़, नास पढ़कर हथेलियों पर फूँकें और जिस्म पर फेरें (3 बार)बुख़ारी: 5017
सोने से पहलेकाफ़िरूनशिर्क से बेज़ारी (अबू दाऊद: 5055)
फ़ज्र की सुन्नत मेंपहली रकात में काफ़िरून, दूसरी में इख़लासमुस्लिम: 726
बीमारी मेंफ़लक़ और नास पढ़कर दम करेंबुख़ारी: 5016

सोने से पहले का पूरा तरीका यहाँ पढ़ें: सोने की दुआ और सुन्नतें। नज़र से हिफ़ाज़त के लिए: नज़र की दुआ

बच्चों को चारों क़ुल कैसे याद कराएँ?

  1. सबसे छोटी सूरह से शुरू करें: पहले इख़लास (4 आयतें), फिर फ़लक़, फिर नास, आख़िर में काफ़िरून।
  2. रोज़ एक आयत याद कराएँ और पिछली आयतें दोहराएँ।
  3. हर सूरह का आसान मतलब बताएँ। मसलन इख़लास का मतलब “अल्लाह एक है, उसके जैसा कोई नहीं”।
  4. रोज़ सोते वक़्त बच्चे के साथ तीनों क़ुल पढ़कर दम करें। सुन्नत भी अदा होगी और याद भी पक्का होगा।
  5. सही उच्चारण (तजवीद) किसी क़ारी साहब से ज़रूर सुनवाएँ, क्योंकि हिंदी में अरबी के कई हर्फ़ ठीक से नहीं लिखे जा सकते।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

चारों क़ुल कौन-कौन सी सूरतें हैं?

सूरह काफ़िरून (109), सूरह इख़लास (112), सूरह फ़लक़ (113) और सूरह नास (114)। ये चारों “क़ुल” से शुरू होती हैं।

3 क़ुल और 4 क़ुल में क्या फ़र्क़ है?

“3 क़ुल” में इख़लास, फ़लक़ और नास आती हैं, जो सुबह-शाम और सोते वक़्त पढ़ी जाती हैं। “4 क़ुल” में इनके साथ सूरह काफ़िरून भी शामिल होती है।

चारों क़ुल कब पढ़ने चाहिए?

सुबह-शाम, हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद (फ़लक़ और नास), और सोने से पहले। इनके हवाले ऊपर टेबल में दिए गए हैं।

क्या बिना वुज़ू चारों क़ुल पढ़ सकते हैं?

हाँ, ज़बानी (याद से) बिना वुज़ू पढ़ सकते हैं। लेकिन क़ुरआन शरीफ़ को छूकर पढ़ने के लिए वुज़ू ज़रूरी है।

सूरह इख़लास तीन बार पढ़ने से पूरे क़ुरआन का सवाब मिलता है?

हदीस में है कि सूरह इख़लास क़ुरआन के एक तिहाई के बराबर है (बुख़ारी: 5013)। इसलिए उलमा कहते हैं कि तीन बार पढ़ना पूरे क़ुरआन के बराबर सवाब रखता है, लेकिन ये क़ुरआन पढ़ने का बदल नहीं है।

फ़लक़ और नास को मुअव्विज़तैन क्यों कहते हैं?

“मुअव्विज़तैन” का मतलब है पनाह दिलाने वाली दो सूरतें, क्योंकि दोनों में अल्लाह की पनाह माँगी गई है।

आख़िरी बात

चारों क़ुल छोटी हैं लेकिन इनमें पूरा अक़ीदा और हर बुराई से हिफ़ाज़त है। रोज़ सुबह-शाम और सोते वक़्त इन्हें पढ़ने की आदत डालें, अपने घर वालों पर दम करें और बच्चों को भी सिखाएँ।

ये भी पढ़ें: सूरह इख़लास | आयतुल कुर्सी | सूरह फ़ातिहा | नमाज़ में पढ़ने वाली सूरह

2 thoughts on “Charo Qul in Hindi: चारों क़ुल अरबी, हिंदी और तर्जुमा के साथ”

Leave a Comment