Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh in Hindi | नमाज के बाद की तस्बीह

आज यहां पर आप Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh हिंदी, अरबी और इंग्लिश में जानेंगे। हमने यहां पर नमाज के बाद की तस्बीह बहुत ही साफ़ और आसान लफ्ज़ों में बताया है, जिसे आप बहुत ही आसानी से पढ़कर समझ जाएंगे।

यहां पर पढ़ने के बाद आप हर बार नमाज के बाद तस्बीह सही तरीक़े से आसानी से पढ़ पाएंगे, यकीनन इसके बाद फिर आप को कहीं पर भी नमाज के बाद की तस्बीह नहीं खोजनी पड़ेगी तो आप यहां पर ध्यान से पढ़ें।

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Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh in Hindi

इसके बाद ‘ला‌ इल्लाहा इल्लल्लाहु‌ वह दहु ला शरीका लहु लहुल मुल्कू व लहुल हम्दु युहयी अला‌ कुल्ली सय्यिन कदीर’ पढ़ें।

Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh in Arabic

  • سُبْحَانَ اللّٰہِ -٣٣ مرتبہ
  • اَلْحَمْدُ لِلّٰہ -٣٣ مرتبہ
  • اَللّٰہُ اَکبَر – ٣٤ مرتبہ

Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh in English

  • Subhanallah – 33 Times
  • Alhamdulillah – 33 Times
  • Allahu Akbar – 34 Times

इस बात को याद रखें कि नमाज खत्म होने के बाद किसी भी जिक्रो अज़कार या तस्बीह को कम ना पढ़ें, सुब्हानल्लाह – 33 बार जरूर पढ़ें।

इसके बाद अल्हम्दुलिल्लाह – 33 मरतबा पढ़ें और 34 मरतबा अल्लाहु अकबर पढ़ने के बाद ला इल्लाहा पुरा पढ़ें फिर जो चाहें वो दुआ करें।

हर नमाज के बाद की तस्बीह

  1. अस्तगफार – 3 बार पढ़ें।
  2. आयतुल कुर्सी – 1 बार पढ़ें।
  3. सूरह इख्लास – 1 बार पढ़ें।
  4. सूरह फलक – 1 बार पढ़ें।
  5. सूरह नास – 1 बार पढ़ें।
  6. सुब्हानल्लाह – 33 बार पढ़ें।
  7. अल्हम्दुलिल्लाह – 33 बार पढ़ें।
  8. अल्लाहु अकबर – 34 बार पढ़ें।

फिर ‘ला‌ इल्लाहा इल्लल्लाहु‌ वह दहु ला शरीका लहु लहुल मुल्कू व लहुल हम्दु युहयी अला‌ कुल्ली सय्यिन कदीर’ एक मरतबा पढ़ें।

लेकिन एक बात का जरूर ख्याल रखें कि जिस फर्ज नमाज के बाद सुन्नत नमाज अदा करना हो तो कम दुआ अजकार करके आगे की नमाज के लिए खड़े हो जाएं।

अगर आप इतना तस्बीह, दुआ और अज़कार में मशगुल रहेंगे तो आपको आगे की नमाज के लिए ताखीर होगी और सुन्नत का सवाब कम हो जाएगा।

नमाज मुकम्मल करने के बाद 3 बार अस्तगफार और आयतुल कुर्सी एक बार, एक एक बार सूरह इख्लास, सूरह फलक, और सूरह नास पढ़ें।

फिर सुब्हानल्लाह 33 बार और अल्हम्दुलिल्लाह 33 बार इसके बाद अल्लाहु अकबर भी 34 मरतबा पढ़ें इसके बाद जो बताया ला इल्लाहा उसे भी पुरा पढ़ें।

इसकी फजीलत और फवाएद बहारे शरीयत में कुछ इस तरह से है कि जो कोई भी मोमिन यानी आशिक ए रसूल इसे नमाज के बाद आला तरीके और से दिल से पढ़ता है तो उसके गुनाह बख्श दिए जाएंगे अगर्चे समुद्र के झाग के बराबर ही क्यूं न हो।

नमाज के बाद की तस्बीह से जुड़ी एक हदीस

एक हदिस के मुताबिक अबू हूरैरा रदियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी कि फ़रमाते हैं सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम जो हर नमाज के बाद 33 बार सुब्हानल्लाह 33 बार अल्हम्दुलिल्लाह और 33 बार अल्लाहु अकबर कहे यह कुल 99 हुए और फिर यह कलमा ‘ला इल्लाहा इल्लल्लाहु‌ वह दहु ला शरीका लहु लहुल मुल्कू व लहुल हम्दु युहयी अला‌ कुल्ली सय्यिन कदीर’ पढ़ कर 100 पूरा करे तो उसकी तमाम खताएं बख्श दी जाएगी चाहे दरिया के झाग की मिस्ल हो
सहीह मुस्लिम।

अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों अब तक तो आप भी नमाज के बाद पढ़ने की तस्बीह जान ही गए होंगे यकीनन अब आप भी आसानी से नमाज मुकम्मल करने के बाद इस तस्बीह को सही तरीके से पढ़ कर सवाब हासिल कर सकेंगे हमने यहां पर आसान लफ्ज़ों में बताया था जिसे आप समझ जाएं।

अगर आपको कहीं पर कुछ समझने में दिक्कत आ रही हो या कहीं पर कुछ गलत लगा हो तो भी कॉमेंट करके हमें इन्फॉर्म करें ताकि हम अपनी गलतियां सुधार सकें हम सब से छोटी बड़ी गलतियां होती रहती है इस के लिए आप को हम सब का रब जरूर अज्र देगा इंशाल्लाह तआला।